month
- चैत्र मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- वैशाख मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- ज्येष्ठ मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- आषाढ़ मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- श्रावण मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- भाद्रपद मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- आश्विन मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- कार्तिक मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- मार्गशीर्ष मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- पौष मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- माघ मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- फाल्गुन मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- अधिक मास
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- मासिक एकादशी व्रत
व्रत हिंदू संस्कृति एवं धर्मके प्राण है ।
- चैत्रके व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - आरंभ
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - गौरीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - होलामहोत्सव
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - संकष्टचतुर्थीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - शीतलाष्टमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - संतानाष्टमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - कृष्णैकादशी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - वारुणीयोग
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - होलामहोत्सव
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - केदारदर्शन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - चैत्री अमा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - वह्लीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र कृष्णपक्ष व्रत - पितृव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - संवत्सर
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - संवत्सरपूजन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - तिलकव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - आरोग्यव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - विद्याव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - नवरात्र
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - पञ्चरात्र
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - पञ्चरात्र
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - बालेन्दुव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - नेत्रव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - दोलनोत्सव
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - गौरीतृतीया
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - ईश्वर - गौरी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - गौरीविसर्जन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - श्रीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - लक्ष्मीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - कुमारव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - मोदनव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - नामसप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - सूर्यव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - अशोककलिकाप्राशनव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - रामनवमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - शुक्लैकादशी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - मदनद्वादशी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - मदनपूजा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - प्रदोषव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - चैत्री पूर्णिमा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - तिथीशपूजन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र शुक्लपक्ष व्रत - हनुमद्व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाखके व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख कृष्णपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख कृष्णपक्ष व्रत - वैशाखस्नान
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख कृष्णपक्ष व्रत - संकष्टचतुर्थी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख कृष्णपक्ष व्रत - चण्डिकानवमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख कृष्णपक्ष व्रत - कृष्णैकादशी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख कृष्णपक्ष व्रत - प्रदोषव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - अक्षयतृत्तीया
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - अक्षयतृतीयाव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - परशुराम जयन्ती
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - अक्षयतृत्तीया
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - निम्बसप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - निम्बसप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - कमलसप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - शर्करासप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - वैशाखी अष्टमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - श्रीजानकी नवमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - वैशाखशुक्लैकादशी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - मधुसूदनपूजा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - कामदेवव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - पुत्रादिप्रद प्रदोषव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - नृसिंह जयन्तीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - नृसिंह जयन्तीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - कदलीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- वैशाख शुक्लपक्ष व्रत - वैशाखी व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठके व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ कृष्णपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ कृष्णपक्ष व्रत - संकष्टचतुर्थीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ कृष्णपक्ष व्रत - कृष्णैकादशीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ कृष्णपक्ष व्रत - वटसावित्रीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - करवीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - रम्भाव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - दशहरा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - गङ्गा पूजन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - निर्जलैकादशीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - जलधेनुदान
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - दुर्गन्धि दुर्भाग्यनाशक व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- ज्येष्ठ शुक्लपक्ष व्रत - बिल्वत्रिरात्रिव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़के व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ कृष्णपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ कृष्णपक्ष व्रत - एकादशीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - रथयात्रा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - स्कन्दषष्ठीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - विवस्वान्व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - महिषघ्रीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - ऐन्द्रीपूजन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - शुक्लैकादशीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - स्वापमहोत्सव
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - वामनपूजा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - प्रदोषव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - हरिपूजा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - कोकिलाव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - अम्बिकाव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - विश्वेदेवपूजन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - शिवशयनव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - वायुधारिणी पूर्णिमा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- आषाढ़ शुक्लपक्ष व्रत - व्यासपूजा पूर्णिमा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावणके व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - अशून्यशयनव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - कज्जली तृतीया
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - स्वर्णगौरीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - संकष्टचतुर्थी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - शीतलासप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - कुमारीपूजा
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - कृष्णैकादशी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण कृष्णपक्ष व्रत - अमाव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - दूर्वागणपति
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - नागपञ्चमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - पापनाशिनी सप्तमी
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - दुर्गाव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - शुक्लैकादशीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - पवित्रार्पणविधि
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - दधिव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - रक्षाबन्धन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - श्रवणपूजन
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - ऋषितर्पण
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- श्रावण शुक्लपक्ष व्रत - मङ्गला गौरीव्रत
व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।
- चैत्र मास
चैत्र महिन्यातील महत्वाचे सण- गुढीपाडवा, रामनवमी, हनुमान जयंती.
Chaitra (Hindi-चैत) is the first month of Hindu calender.  ..
- चैत्र शुद्ध पक्ष
- चैत्र वद्य पक्ष
वद्य पक्ष म्हणजे पौर्णिमेच्या दुसर्या दिवसापासून ते अमावस्येपर्यंतचा कालावधी.
Vadya paksha means the period from the next day of full moon t..
- वैशाख मास
वैशाख महिन्यातील महत्वाचे सण - अक्षय तृतीया, बुद्ध पौर्णिमा.
Vaishakh is the socond month of Hindu calender.
The important festivals of Vais..
- वैशाख शुद्ध पक्ष
वैशाख शुद्ध पक्ष
- वैशाख वद्य पक्ष
वैशाख वद्य पक्ष
- ज्येष्ठ मास
ज्येष्ठ महिन्यातील महत्वाचे सण - वट पौर्णिमा .
Jyeshtha is the third month of Hindu calender.
The important festival of..
- ज्येष्ठ शु. प्रतिपदा
Jyeshtha shuddha Pratipada
- ज्येष्ठ शु. द्वितीया
- ज्येष्ठ शु. तृतीया
- ज्येष्ठ शु.चतुर्थी
Jyeshtha shuddha Chaturthi
- ज्येष्ठ शु. षष्ठी
Jyeshtha shuddha Shashthi
- ज्येष्ठ शु. अष्टमी
- ज्येष्ठ शु. नवमी
- ज्येष्ठ शु. दशमी
- ज्येष्ठ शु. द्वादशी
Jyeshtha shuddha Dvadashi
- ज्येष्ठ शु. त्रयोदशी
Jyeshtha shuddha Trayodashi
- ज्येष्ठ शु. चतुर्दशी
Jyeshtha shuddha Chaturdashi
- ज्येष्ठ पौर्णिमा
- ज्येष्ठ शुद्ध पक्ष
व्रते
- ज्येष्ठ व. चतुर्थी
- ज्येष्ठ व. त्रयोदशी
Jyeshtha vadya Trayodashi
- ज्येष्ठ अमावस्या
- ज्येष्ठ वद्य पक्ष
व्रते
- आषाढ मास
आषाढ महिन्यातील महत्वाचे सण - पंढरपूर एकादशी, गुरु पौर्णिमा.
Aashadha is the fourth month of Hindu calender.
The ..
- आषाढ शु. द्वितीया
- आषाढ शु. चतुर्थी
- आषाढ शु. पंचमी
- आषाढ शु. सप्तमी
- आषाढ शु. नवमी
- आषाढ शु. द्वादशी
- आषाढ शु. त्रयोदशी
Ashadha shudha Trayodashi
- आषाढ शु. चतुर्दशी
Ashadha shudha Chaturdashi
- आषाढ पौर्णिमा
- आषाढ शुद्ध पक्ष
आषाढ शुद्ध पक्ष - व्रते
- आषाढ व. प्रतिपदा
- आषाढ व. तृतीया
- आषाढ व. चतुर्थी
- आषाढ वद्य पक्ष
व्रते
- श्रावण मास
श्रावण महिन्यातील महत्वाचे सण - नागपंचमी, राखी पौर्णिमा, गोकुळ अष्टमी(श्रीकृष्ण जयंती)
Shravana is the fifth month of Hi..
- श्रावण शु. चतुर्थी
Shravana shudha Chaturthi
- श्रावण शु. षष्ठी
- श्रावण शु. सप्तमी
- श्रावण शु. अष्टमी
- श्रावण शु. एकादशी
- श्रावण शु. द्वादशी
- श्रावण शु. त्रयोदशी
Shravana shudha Trayodashi
- श्रावण शुद्ध पक्ष
- श्रावण व. प्रतिपदा
- श्रावण व. तृतीया
- श्रावण व. चतुर्थी
- श्रावण व. षष्ठी
- श्रावण व. सप्तमी
- श्रावण व. अष्टमी
Shravana vadya Ashtami
- श्रावण व. नवमी
- श्रावण व. एकादशी
- श्रावण व. द्वादशी
- श्रावण व. त्रयोदशी
Shravana vadya Trayodashi
- श्रावण अमावस्या
- श्रावण वद्य पक्ष
- भाद्रपद मास
भाद्रपद महिन्यातील महत्वाचे सण - गणेश चतुर्थी, ऋषीपंचमी.
Bhadrapad is the sixth month of Hindu calender.
Th..
- भाद्रपद शु. प्रतिपदा
Bhadrapada shudha Pratipada
- भाद्रपद शु. द्वितीया
Bhadrapada shudha Dvitiya
- भाद्रपद शु. तृतीया
Bhadrapada shudha Tritiya
- भाद्रपद शु. षष्ठी
Bhadrapada shudha Shashthi
- भाद्रपद शु. सप्तमी
Bhadrapada shudha Saptami
- भाद्रपद शु. अष्टमी
Bhadrapada shudha Ashtami
- भाद्रपद शु. नवमी
- भाद्रपद शु. दशमी
Bhadrapada shudha Dashami
- भाद्रपद शु. एकादशी
Bhadrapada shudha Ekadashi
- भाद्रपद शु. द्वादशी
Bhadrapada shudha Dvadashi
- भाद्रपद शु. चतुर्दशी
Bhadrapada shudha Chaturdashi
- भाद्रपद पौर्णिमा
- भाद्रपद शुद्ध पक्ष
- भाद्रपद व. प्रतिपदा
Bhadrapada vadya Pratipada
- भाद्रपद व. चतुर्थी
Bhadrapada vadya Chaturthi
- भाद्रपद व. षष्ठी
- भाद्रपद व. अष्टमी
- भाद्रपद व. नवमी
- भाद्रपद व. एकादशी
- भाद्रपद व. त्रयोदशी
Bhadrapad vadya Trayodashi
- भाद्रपद व. चतुर्दशी
Bhadrapad vadya Chaturdashi
- भाद्रपद अमावस्या
- भाद्रपद वद्य पक्ष
व्रते
- आश्विन मास
आश्विन महिन्यातील महत्वाचे सण - नवरात्र, कोजागरी पौर्णिमा, दीपावली.
Aashvin is the seventh month of Hindu calender.
T..
- आश्विन शु. प्रतिपदा
- आश्विन शु. द्वितीया
- आश्विन शु. तृतीया
- आश्विन शु. चतुर्थी
- आश्विन शु. पंचमी
- आश्विन शु. षष्ठी
- आश्विन शु. सप्तमी
- आश्विन शु. अष्टमी
- आश्विन शु. नवमी
- आश्विन शु. दशमी
- आश्विन शु. एकादशी
- आश्विन शु. द्वादशी
- आश्विन शु. त्रयोदशी
Ashvina shudha Trayodashi
- आश्विन पौर्णिमा
- आश्विन शुद्ध पक्ष
व्रते
- आश्विन व. चतुर्थी
- आश्विन व. अष्टमी
- आश्विन व. एकादशी
- आश्विन व. द्वादशी
- आश्विन व. त्रयोदशी
- आश्विन व. चतुर्दशी
Ashvina vadya Chaturdashi
- आश्विन अमावस्या
- आश्विन वद्य पक्ष
व्रते
- कार्तिक मास
कार्तिक महिन्यातील महत्वाचे सण - दीपावली
Kaartika is the eighth month of Hindu calender.
The important festival of Kartik month is - Deepa..
- कार्तिक शु. द्वितीया
- कार्तिक शु. चतुर्थी
- कार्तिक शु. पंचमी
- कार्तिक शु. षष्ठी
- कार्तिक शु. सप्तमी
- कार्तिक शु. अष्टमी
- कार्तिक शु. नवमी
- कार्तिक शु. दशमी
- कार्तिक शु. एकादशी
- कार्तिक शु. द्वादशी
- कार्तिक शु. त्रयोदशी
Kartika shudha Trayodashi
- कार्तिक शु. चतुर्दशी
Kartika shudha Chaturdashi
- कार्तिक पौर्णिमा
- कार्तिक शुद्ध पक्ष
व्रते
- कार्तिक व. चतुर्थी
- कार्तिक व. सप्तमी
- कार्तिक व. अष्टमी
- कार्तिक व. एकादशी
- कार्तिक व. त्रयोदशी
- कार्तिक व. चतुर्दशी
Kartika vadya Chaturdashi
- कार्तिक अमावास्या
- कार्तिक वद्य पक्ष
- मार्गशीर्ष मास
मार्गशीर्ष महिन्यातील महत्वाचे सण - दत्तजयंती,
Margasheersha is the nineth month of Hindu calender.
The important festival of ..
- मार्गशीर्ष शु. प्रतिपदा
Margashirsha shudha Pratipada
- मार्गशीर्ष शु. द्वितीया
Margashirsha shudha Dvitiya
- मार्गशीर्ष शु. चतुर्थी
Margashirsha shudha Chaturthi
- मार्गशीर्ष शु. पंचमी
Margashirsha shudha Panchami
- मार्गशीर्ष शु. सप्तमी
Margashirsha shudha Saptami
- मार्गशीर्ष शु. अष्टमी
Margashirsha shudha Ashtami
- मार्गशीर्ष शु. नवमी
Margashirsha shudha Navami
- मार्गशीर्ष शु. दशमी
Margashirsha shudha Dashami
- मार्गशीर्ष शु. एकादशी
Margashirsha shudha Ekadashi
- मार्गशीर्ष शु. द्वादशी
Margashirsha shudha Dvadashi
- मार्गशीर्ष शु. त्रयोदशी
Margashirsha shudha Trayodashi
- मार्गशीर्ष शु. चतुर्दशी
Margashirsha shudha Chaturdashi
- मार्गशीर्ष पौर्णिमा
- मार्गशीर्ष शुद्ध पक्ष
व्रते
- मार्गशीर्ष व. चतुर्थी
Margashirsha vadya Chaturthi
- मार्गशीर्ष व. सप्तमी
Margashirsha vadya Saptami
- मार्गशीर्ष व. अष्टमी
Margashirsha vadya Ashtami
- मार्गशीर्ष व. एकादशी
Margashirsha vadya Ekadashi
- मार्गशीर्ष व. त्रयोदशी
Margashirsha vadya Trayodashi
- मार्गशीर्ष अमावस्या
- मार्गशीर्ष वद्य पक्ष
व्रते
- पौष मास
पौष महिन्यातील महत्वाचे सण - मकर संक्रांती,
Paush is the tenth month of Hindu calender.
The important festival of Paush ..
- पौष शु. द्वितीया
- पौष शु. चतुर्थी
- पौष शु. सप्तमी
- पौष शु. अष्टमी
- पौष शु. नवमी
- पौष शु. द्वादशी
- पौष शु. त्रयोदशी
- पौष शु. चतुर्दशी
Pausha shudha Chaturdashi
- पौष शुद्ध पक्ष
- पौष व. प्रतिपदा
- पौष व. चतुर्थी
- पौष व. एकादशी
- पौष व. द्वादशी
- पौष व. त्रयोदशी
- पौष अमावस्या
- पौष वद्य पक्ष
व्रते
- माघ मास
माघ महिन्यातील महत्वाचे सण - रथ सप्तमी, महाशिवरात्री.
Magha is the eleventh month of Hindu calender.
The important festivals of ..
- माघ शु. प्रतिपदा
- माघ शु. तृतीया
- माघ शु. चतुर्थी
- माघ शु. पंचमी
- माघ शु. सप्तमी
- माघ शु. अष्टमी
- माघ शु. नवमी
- माघ शु. दशमी
- माघ शु. एकादशी
- माघ शु. द्वादशी
- माघ शु. त्रयोदशी
- माघ पौर्णिमा
- माघ शुद्ध पक्ष
- माघ व. चतुर्थी
- माघ व. अष्टमी
- माघ व. नवमी
- माघ व. द्वादशी
- माघ व. त्रयोदशी
- माघ व. चतुर्दशी
- माघ वद्य पक्ष
व्रते
- फाल्गुन मास
फाल्गुन महिन्यातील महत्वाचे सण - होळी.
Phalgun is the twevth and last month of Hindu calender.
The important festival of ..
- फाल्गुन शुद्ध चतुर्थी
Phalguna shudha Chaturthi
- फाल्गुन शुद्ध द्वादशी
- फाल्गुन शुद्ध चतुर्दशी
Phalguna shudha Chaturdashi
- फाल्गुन पौर्णिमा
- फाल्गुन शुद्ध पक्ष
व्रते
- फाल्गुन व. तृतीया
- फाल्गुन व. अष्टमी
- फाल्गुन व. एकादशी
- फाल्गुन व. द्वादशी
- फाल्गुन अमावास्या
- फाल्गुन वद्य पक्ष
व्रते
- चैत्र महिना
चैत्र महिना
- मासिक व्रते
व्रताचरण केल्याने जीवनतील संकटांचा, आधीव्याधींचा, दुःखांचा निरास होऊन सुखाचा लाभ होतो.