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शंकराची आरती जय जय शिवशंभो शंकरा । ह परमेश्‍वराची आरती
शंकराची आरती - ज य जय शिव शिव शिव शंभुशं...


देवीदेवतांची काव्यबद्ध स्तुती म्हणजेच आरती.

The poem composed in praise of God is Aarti.



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शंकराची आरती

जय जय शिव शिव शिव शंभुशंकरा ।

हरहर हर महादेव, चंद्रशेखरा ॥धृ॥

जयजय गजवदन तात, मदन-दहना ।

जयजय प्रभु विश्‍वनाथ, नंदिवाहना ।

जयजय नत दिन अनाथ, जन कृपा करा ॥जयजय०१॥

शोभति शिरिं वेणि जटा मुगुट भूषणें ।

वाजति घन पैंजणादि, डमरु कंकणें ।

वर्णिति कवि अर्धनारी, नर नटेश्‍वरा ॥जयजय०२॥

गंगाधर शूलपाणि भाललोचना ।

पंचानन गज प्रपंच-तापमोचना ।

हे कर्पुरगौर गौरीनाथ ईश्‍वरा ॥जयजय०३॥

अन्यायी परि मी अलों, शरण या पदा ।

तूं करुणा करुनि सकल, वारि आपदा ।

म्हणे विष्णुदास धांव पाव किंकरा ॥जयजय०४॥

Translation - भाषांतर

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Created by TransLiteral/ Courtsey {Khapre.org} on 2008-04-23T04:22:32.1964800-04:00

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