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अं

अंग II.

See also:  अंग III. , अंग IV. , अंग V. , अंग VI.
n.  (सो. अनु.) बलि का ज्येष्ठ पुत्र । यह बलि की भार्या सुदेष्णा को दीर्घतम से हुआ । इसे वंग, कलिंग, पुण्ड्र तथ सुह्म नामक चार भ्राता थे [म.आ.९८.३२.१०.४२];[ विष्णु.४.१८.१];[ मत्स्य. ४८.२४-२५];[ ब्रह्म. १३.२९-३१] । इनक सिवा, इसे आंध्र नामक पांचवा भाई था । इनके देशों को भी इन्ही के नाम प्राप्त हुए [ह. वं. १.३१.३४] । इसका एक पुत्र था । उसका नाम विभिन्न स्थलों में दधिवाहन [मत्स्य.४८.९१];[ ब्रह्म.१३.३७];[ ह. वं. १.३१.४३], खनपान [भा.९.२३.५] अथवा पार [विष्णु.४.१८.३] दिया गया है। अंग राजा के बाद के राजा, अंगवंशीय राजाओं के नाम से प्रसिद्ध हुए (अनुवंश देखिये) । इसने काफी यज्ञ किये । इसका चरित्र नारद ने सृंजय को बताया [म.द्रो.५७] । इसका मांधाता ने पराभव किया था [म.शां. २९.८१]

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: Folder : Page : Word/Phrase : Person

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