Dictionaries | References

खाना पीना भरना पेट, चमडी जाने नाना शंकरशेट


खाऊन पिऊन मजा करावा, मग व्हायचे असेल ते होईल.

Related Words

चमडी   नाना   खाना   पेट   चमडी देना मगर दमखी नहि छोडना   खाना पीना भरना पेट, चमडी जाने नाना शंकरशेट   कृपण चमडी देईल पण दमडी देणार नाहीं   नानांत नाना फडणीस नाना, इतर नाना करिती तनाना   नाना फडणीस   नाना फडणीस काय, वेंकतनरसी काय, दोन्ही सारखीच?   पेट भरना भीकसे, चलना अपने टेकसे   नाना प्रकार करणें   ज्‍याच्या घरी दाणा, त्‍याचे नांव नाना   चमडी फाटे, वस्‍त्र न फाटे, चमडी फाटेल पण वस्‍त्र फाटणार नाहीं   दाता दे, भंडारिका पेट फटे   दाईके आगे पेट क्या छपाना   नाना मताचें बंड। लोकीं चाले अखंड॥   जिस बरतनमें खाना, उसमें छेद करना   आपनी और निभाय, वांकी वही जाने   जिस तन लागे, वही जाने   हरोज-हरोज नया कुवा खोदना, और नया पानी पीना   अंधा क्या जाने लालकी बहार   झूटा न बोले तो पेट फुले   खाना वहा खावो, तो हात यहां धोवो   वेष-वेष असावा (धरावा) बावळा। अंतरीं असाव्या नाना कळा॥   मोजा-मोजेका घाव, मिया जाने या पाव   खाया पिया भरो पेट, झक मारे नगरशेट   कलकी बात राम जाने   मनमें चोदे, राम जाने   हॉटेल-हॉटेलमें खाना, मसीदमें सोना   कपडा पेने जग भुलता, खाना खाये मन खुलता   नाच न जाने आंगन तेढा   रोटी खाना शकरसें, दुनिया खेचना मकरसें   उपर खूप बने अंदरकी राम जाने   अंदरकी बात राम जाने   गहूं कहे मेरा मोटा पेट, और मुझको खावे नगरका शेट   उपरकी टामटीम, अंदरकी राम जाने   मेणबत्ती-मेणबत्तीस दोन्हीकडून पेट   पेट घेणें   भातका खाना, उसके भरोसो गांव मत जाना   नाना पुता करणें   रात माका पेट   तेली खसम करना, और रुखा खाना   पोट शिकैता वेव्हार आनी पेट शिकैता दर   गद्धा क्‍या जाने आदेका सवाद   पहिले गाना फिर खाना बाद एक दिन जाना   खुदाकी बात खुदाही जाने   खाना पीना भरना पेट, चमडी जाने नाना शंकरशेट   पेट   हरोज-हरोज नया कुवा खोदना, और नया पानी पीना   
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.
TOP