Dictionaries | References

दोनो हातो पगडी संभालाने पडी है


दोन्ही हातांनी पागोटें सभाळण्याची पाळी येणें. अतिशय जिकीर होणें
फार प्रयत्नानें संकटांतून निभावणें.

Related Words

अहमदकी पगडी महमदके शिरपर   दोनो हातो पगडी संभालाने पडी है   पगडी बांधणें   मजो खोंपो तुजि पगडी   दया धर्मका मूळ है   पगडी   हातो पान   आपना घर दूरसे सुझतां है   पगडी हरणें   आपना वकर आपने हात है   पगडी घेणें   पेंटमें पडी रोटिया, तो सुझे कलाम मोटिया   बम्मन-बम्मनकी गई बछडी, रावणकी गई लंक, दोनो दुःख समान है, ओ राजा ए रंक   है   बछडा-बछडा खुंटेके बळ नाचता है   पगडी उतरणें   पके बडके तले, मरणेवाले है   दिलपर दिल ऐना है   नंगेमे खुदाभी डरता है   गडमें गड चितोडगड और सब गढैया है, तालमें ताल भोपालताल और सब तलैंया है   नफा दिसता है, मुद्दल घुसता है   बखतवारी उडगई है, बुलंदी रह गई है   अंधेके आगे सोये, दोनो दिदे खोये   माथे पडी विश्वदेवा   महंत-जांके संग दसवीस है तांको नाम महंतः   सो-सो कव्वोमे एक बगलाभी सरस है   साहेबका घर दूर है, जैसी लंबी खजूर l चढे तो चाहे प्रेम रस, गिरे तो चकना चूर ll   कानावर पगडी, घरी रान उघडी   दियाही आडे आता है   एक एक मुस्किलके, हजार हजार आसान रखे है   हजार आफत है, एक दिल लगानेसें   मारमारके जाय, फताहदाद इलाही है   जहांके मुरदे वहांही गाडते है   उंट बडबडातेही लादते है   नानक (कहे) नन्हे होईजे जैसी दूब, और घांस जर जात है दूब खूब की खूब   आग पानीको हाडवैर है   मुफलस-मुफलससे सवाल हराम है   एका कानाजवळ पगडी घाल पण चालीनें चाल   जबान तले जबान है   आज है सो कल नही   फतहा-फतहा दाद इलाही है   मरदका कान और औरतका थान, जितना दबावे उतनाहि सीत कम लगता है   सय्या-सैय्या भये कोतवाल अब किसकी डर है   बाहेर बडी पगडी, घरीं म्हातारी उघडी   मूरख मूरख राज करत है, पंडित फिरत भिकारी   जनाब, देहली तो बहोत दूर है   वली-वल्लीको वल्लीही पछानता है   दिल लगा गद्धीसे (मेंडकीसे), पद‍मीन क्या इयांट (चीज) है   हाथीका वोझा, हाथीही उठाता है   तूं इमानसे गाव, हम सोता है   गद्धेभी जवानीमें, भले मालूम देते है   बियाह-बीयाह न कीया, बराततो देखी है   सोना-सोतेको सोता, कब जागता है   
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.
TOP