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शक

See also:  ŚAKA
ना.  शंका , संदेह , संशय ;
ना.  कुतर्क , कुशंका . भीती .
Doubt: also suspicion, misgiving, evil surmise.
A period commencing from an epoch or a date at which some sovereign established a computation of time, an era. Ex. नर्मदेचे अलीकडे शालिवाहनशक चालतो पलीकडे विक्रमशक चालतो. 2 शक is especially applied to an era which is dependent on the solar year, and dates from the birth of शालिवाहन. It commences on the 1st of वैशाख 3179 of कलियुग, or on Monday 14th March 78 A. D. Julian style. 3 Reign, the period of a king's government: also rule, domination, sway, authoritative direction. 4 Familiarly. Superiority or ascendancy over; upperhandedness or mastery. v चढ, बस, लाग, g. of s. & वर of o. 5 A people or an individual of it. They are the followers or descendants of शाक or शालिवाहन. शक गाजविणें To become conspicuously eminent; to rise into glorious celebrity.
 पु. १ ज्या दिवसापासून एखादा राजा एखाद्या कृत्याची किंवा आपल्या राज्यारोहणाची कालगणना सुरू करतो किंवा एखादी महत्त्वाची गोष्ट घडते त्या दिवसापासूनचा काल ; वर्षकालगणना . हिंदुस्थानांत अनेक शक होते . - ज्ञाकोविभाग ५ पहा . नर्मदेचे अलीकडे शालिकाहन शक चालतो , पलीकडे विक्रमशक चालतो . २ ( विशेषत : ) शालिवाहनाच्या जन्मदिवसापासूनचा किंवा त्यानें विक्रमाचा पराभव केल्या पासूनचा काल . - शकसंवत्सराचा उल्लेख शकाब्द ३८० तल्या एका जैन ग्रंथांत सांपडतो . याचा शालिवाहनाशीं संबंध विजयानगरच्या बुक्करायानें ( शके १२७६ ) जोडून दिलेला दिसतो . - मसाप १ . २ . शातवाहन पहा या कालाचा आरंभ वैशाख शु॥ १ कलियुगाचें ३१७९ वें वर्ष , सोमवार ता . १४ मार्च इ . स . ७८ . ३ एक लोकराष्ट्र ; शाक ; शाक ( त ) वाहनाचे - शालिवाहनाचे अनुयायी . ४ राज्य ; राजाची कारकीर्द . ५ अधिकार ; आधिपत्य ; अधिकाराचा हूकूम ; आज्ञा . ६ श्रेष्ठपणा ; वर्चस्व ; वरचढपणा . ( क्रि० अमक्यावर शक चढणें ; बसणें ; लागणें ). ७ हुकमत ; दरारा . श्रीमंतांचे प्रतापें मोठा शक केला . [ सं . शक - ऐश्वर्य या धातूवरून - राजवाडे ].
 पु. १ शंका ; संशय ; संदेह . २ भीति ; कुशंका ; कुतर्क . - इमं १९८ . [ अर . शक्क ]
०अंदेशा  पु. संशय ; भय . कोणेविशीं शक - अंदेशा न धरणें . - रा १५ . ६४ .
०कर्ता  पु. १ ज्याच्या नांवें वर्षगणना चालते तो ; शक संस्थापक . २ धर्म , पंथ , संप्रदाय इ० स्थापन करणारा . कलियुगांत ६ शककर्ते होतील . ३ ( सांके . ) छत्रपती शिवाजी . - पया ३८९ . [ सं . ] शकाब्द - न . शालिवाहन शकाचें वर्ष . [ सं . ] शके - अ . शकामध्यें , शकारंभापासून , ( संवत्सरसंख्येपूर्वी प्रयोग ). शके सतराशे बावन्न . [ शक शब्दाचें सप्तम्यंत रूप ]
०दील वि.  साशंकचित्त . रयत शकदील होऊन तजावजा झाली आहे . - ब्रच २७ .
०शूभ  पु. शंका ; संशय . शकशूभ दिलांत न आणितां करारमोजीब खातरखा सजा करावी . - पया ४६६ . [ अर . शक + शुभ ] शकी - वि . शंकी पहा .
n.  एक विदेशीय जातिसमूह, जो पूर्वकाल में मध्य एशिया के निवासी थे । आगे चल कर ये लोग उत्तर पश्चिम भारत में आ कर रहने लगे । ये लोग ई. पू. २ री शताब्दी में इरान के पूर्व भाग में स्थित प्रदेश में रहते थे, जिस कारण उस प्रदेश को ‘शकस्तान’ अथवा ‘सीस्तान’ कहते थे । ई. स. पू. १७४ में हूण लोगों के आक्रमण के कारण, शक लोग शकस्तान छोड़ने पर विवश हुए, एवं उत्तर पश्चिम भारत में आ कर निवास करने लगे । आगे चल कर ये सुराष्ट्र (काठियवाड) में रहने लगे ।
उत्तरपश्चिम भारत में निवास n.  राजशेखर की काव्यमीमांसा में उत्तरपश्चिम भारत में निवास करनेवाले लोगों में शक लोगों का निर्देश हूण, कांबोज एवं वाह्लिक लोगों के साथ प्राप्त है । पतंजली के व्याकरण महाभाष्य में इनका निर्देश प्राप्त है [पा. सू. ३.७५ भाष्य.] । महाभारत में इनका निर्देश वाह्लिक लोगों के साथ प्राप्त है, एवं युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ के समय, भीम के द्वारा किये गये पूर्व दिग्विजय में इन्हें जीते जाने का निर्देश वहाँ प्राप्त है [म. स. २७.२८९] । नकुल ने भी अपने पश्चिम दिग्विजय में इन्हें जीता था [म. स. २९.१५. पाठ.] । युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में ये लोग भेंट ले कर उपस्थित हुए थे [म. स. ५१.२६] । मध्यपुराण में इन्हें चक्षु नदी के तट पर निवास करनेवाले लोग कहा गया है, एवं तुषार, पह्लव, पारद, ऊर्ज, औरस लोगों के साथ इनका निर्देश प्राप्त है [मत्स्य. १२१.४५-५१] । मार्कंडेय में इन्हें सिधुदेशनिवासी कहा गया है [मार्क. ५७.३९] । ‘अलाहाबाद प्रशस्तिलेख’ से प्रतीत होता है कि, समुद्र गुप्त के द्वारा परास्त हुए विजातीय लोगों में शक मुरुंड शब्द का अर्थ ‘राजा’ अभिप्रेत है, एवं सुराष्ट्र प्रदेश में रहनेवाले शक लोगों के राजाओं की ओर इस शिलालेख में संकेत किया गया है । महाभारत में इन्हें नंदिनी गाय के गोबर से होने का निर्देश प्राप्त है [म. आ. १६५.३५] । इस निर्देश से प्रतीत होता है कि, ये लोग महाभारतकाल में निंद्य माने जाते थे । ये लोग पहले क्षत्रिय थे, किन्तु बाद में ये शूद्र बने [म. अनु. ३३.३१]
भारतीय युद्ध में n.  इस युद्ध में, ये लोग कांबोजराज सुदक्षिण के साथ दुर्योधन के पक्ष में शामिल थे [म. उ. १९.२१] । सात्यकि ने इन लोगों का संहार किया था [म. द्रो. ९५.३८] । कर्ण ने भी इन्हें परास्त किया था [म. क. ५.१८] । भागवत के अनुसार, शक एवं यवन लोंग हैहय राजाओं के सहायक थे । इसी कारण परशुराम, सगर एवं भरत राजाओं ने इन्हें परास्त किया था, एवं इनकी अर्धस्मश्रु कर, एवं विरूप कर इन्हें छोड़ दिया था [भा. ९.८.५] । इन लोगों को वेदाधिकार प्राप्त नहीं था, जिस कारण ये आगे चल कर म्लेच्छ बन गये थे [भा. ४.३.४८]
 m  An era. Rule. Superiority. Doubt.

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